जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री से मिलने पहुंचे पहाड़ी शिष्टमंडल ने उन्हें कई दशक पुरानी मांग एसटी दर्जे को दोहराया और राज्य मंत्री से गुहार लगाई कि वह तत्काल पहाड़ी भाषा बोलने वालों को एसटी दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री तक पहाड़ियों का संदेश पहुंचाएं।
भाजपा के नेतृत्व की केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर आउटरीच कार्यक्रम के तहत बुधवार को राजोरी पहुंचीं जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने वीरवार को डाक बंगले में कई शिष्टमंडलोें से मुलाकात की। उनकी परेशानियों को सुना। भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक की भी अध्यक्षता की।
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जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री से मिलने पहुंचे पहाड़ी शिष्टमंडल ने उन्हें कई दशक पुरानी मांग एसटी दर्जे को दोहराया और राज्य मंत्री से गुहार लगाई कि वह तत्काल पहाड़ी भाषा बोलने वालों को एसटी दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री तक पहाड़ियों का संदेश पहुंचाएं। एससी मोर्चा के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. गारू स्नेही की अध्यक्षता में एससी मोर्चा के शिष्टमंडल ने राज्यमंत्री से प्रदेश के हर जिले में एससी हॉस्टल खोलने की मांग की। डॉक्टर गारू ने राज्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार से जम्मू कश्मीर के हर जिले में एसटी हॉस्टल है। उसी प्रकार एससी हॉस्टल भी खोले जाए, ताकि समुदाय की बच्चियों और बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत ना आए।
गुज्जर बक्करवाल समुदाय के शिष्टमंडल ने राज्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जनजातीय मामलों में जारी होने वाले फंड के दुरुपयोग की बात कहते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने जनजातीय मामलों के फंड का दुरुपयोग किया है। संबंधित अधिकारियों ने मात्र एक ही इलाके में फंड्स का अधिक प्रयोग किया है। अन्य कई इलाकों को नजर अंदाज किया गया है।
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राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि सही में फंड का दुरुपयोग हुआ तो उसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दी जायेगी। रेणुका सिंह ने अन्य शिष्टमंडलोें को भी भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को लेकर केंद्र सरकार के मंत्रियों से बात कर जल्द समाधान के प्रयास करेंगी।
राज्य मंत्री ने एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल गुरधन बाला का भी दौरा किया। जहां उन्होंने शिक्षण स्टाफ और छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों को आवासीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए। छात्रों से उन्होंने उन्हें बड़े सपने देखने और अपने जीवन के वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी। बाद में मंत्री ने कोटरंका स्थित केसरी हिल और थन्नामंडी में आदिवासी आबादी के लिए जनजातीय पारगमन आवास सुविधाओं की ई-आधारशिला भी रखी। परियोजनाओं को 354 लाख रुपये की अनुमानित लागत से क्रियान्वित किया जाना है।