एक करोड़ किसानों का बकाया, मिले साठ लाख
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सरकारी राशन की भारी किल्लत से जूझ रहे बुद्धल तहसील के समोट गांव के लोगों ने सोमवार को फूड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर अफेयर्स विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य की गठबंधन सरकार व फूड सिविल सप्लाइज विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि उन्हें पिछले करीब दो माह से सरकारी राशन नहीं मिला है। इस अवसर पर स्थानीय निवासी मोहम्मद ताज, नसीर अहमद, शाहिद इकबाल, मोहम्मद बशीर आदि ने बताया कि सरकारी राशन न मिलने से उनके घरों में भूखे रहने की नौबत आ गई है।
इतना ही नहीं बीपीएल परिवारों को भी दोमाह का सरकारी राशन नहीं मिला है। पूरे गांव में लोग इतने गरीब हैं कि वे बाजार से महंगे दामों पर राशन खरीद कर नहीं ला सकते हैं। इससे बच्चों को दो वक्त का खाना खिला पाना भी संभव नहीं रह गया है। उन्होंने सीएपीडी विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के एक भी सरकारी डिपो पर राशन उपलब्ध नहीं है। जब भी डिपो पर राशन लेने जाओ वहां ताले लटकते नजर आते हैं।
वहीं प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मूसलाधार बारिश के चलते उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसलिए उनके पास सरकारी राशन के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने राज्य में एनएसएफ एक्ट लागू तो कर दिया, लेकिन गरीब जनता को राशन मुहैया करवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा-पीडीपी के राज में गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है। गुस्साए लोगों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि वह उनकी परेशानी सरकार तक पहुंचाए व जल्द समस्या का समाधान किया जाए।