जिले की मंजाकोट तहसील के एलओसी से सटे गांव तरकुंडी का पुल करीब तीन वर्र्षों में भी नहीं बना पाया है। जिससे लोगों में काफी रोष है।
पुल न होने से ग्रामीणों को जान हथेली पर रख नदी के बीच से होकर जाना पड़ता है। जानकारी के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र में बहने वाली गंभीर दरिया में आई बाढ़ में पुल बह गया था।
स्थानीय निवासी हाजी मोहम्मद बशीर ने बताया कि यही एक पुल तरकुंडी क्षेत्र को राजोरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। आम दिनों में तो लोग दरिया के बीच से गुजर जाते हैं, लेकिन बारिश होने पर दरिया में जलस्तर बढ़ने से गुजरना संभव नहीं हो पाता है।
बारिश होने पर तरकुंडी बाकी दुनिया से कट जाता है। इसे लेकर स्कूल-कालेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी बहुत दिक्कतें पेश आती हैं। बारिश के दिनों में विद्यार्थी स्कूल-कालेज नहीं पहुंच पाते हैं।
वहीं जाकिर हुसैन ने बताया कि तरकुंडी एलओसी के बिलकुल पास का गांव है। एलओसी पर पाक द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से उन्हें कई प्रकार की दिक्कतों का समाना करना पड़ता है। सलीम खान ने बताया कि तीन वर्षों में पुल के निर्माण के लिए कई बार सर्वे भी किए गए।
इस संबंध में राजोरी के डीसी ने बताया कि पहले पुल सेना ने बनाया था। उन्होंने सेना को पत्र लिख कर दोबारा पुल बनाने के लिए कहा है।