राजोरी। खनन को कानूनी रूप से शुरू करने से पहले सरकार ने सोमवार को जन सुनवाई का आयोजन किया। इसमें स्थानीय लोगों की राय ली गई।
सोमवार को पिंड नरियान में खनन के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण की तरफ से जन सुनवाई बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता एडीसी नौशेरा सुख देव सिंह संब्याल ने की। बैठक में वक्ताओं ने खनन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बेरोजगार युवाओं ने बैंकों से ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदे हैं, लेकिन खनन पर प्रतिबंध के कारण वे बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि खनन रायल्टी खोली जाए ताकि बेरोजगार युवा रोजगार से जुड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार को रेत और बजरी के दामों पर भी नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि खनन से नुकसान होता है, लेकिन अगर खनन कानूनी रूप से किया जाए और सरकारी एजेंसियां इसकी निगरानी करें, तो खनन से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को रॉयल्टी का पैसा स्थानीय क्षेत्र पर भी खर्च करना चाहिए ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। एडीसी ने कहा कि इस जन सुनवाई का उद्देश्य लोगों की राय सरकार तक पहुंचाना है। इसके बाद सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से खनन शुरू करने के लिए सरकार ने खनन अधिनियम के तहत ठेकेदारों को आवंटन कर दिया है ताकि अधिनियम के तहत कार्य किया जा सके और बालू, बजरी या अन्य सामग्री के दाम सरकार पर तय किये जाएं। बैठक में जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अनुपम कौल समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।