राजोरी। जिला विकास आयुक्त राजेश के शवन ने सोमवार को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान डीडीसी ने मुख्य पशुपालन अधिकारी को जिले में दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कार्ययोजना मांगी। डिप्टी रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटी से उत्पादों की मार्केटिंग के लिए महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप का गठन करने को कहा। संबंधित अधिकारियों को उत्पादों के निर्यात के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए।
डीडीसी ने कहा कि राजोरी को ओडीओपी योजना के तहत एक डेयरी जिले के रूप में पहचाना गया है। इसलिए जिले में घी, पनीर, खोया आदि सहित दूध और दूध के बने उत्पादों के प्रचार के लिए ठोस उपाय किए जाने की आवश्यकता है। डीडीसी ने सीएएचओ को दुधारू पशुओं की खरीद के लिए बैंकों और अन्य प्रायोजन एजेंसियों द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न ऋणों के बारे में जनता को जागरूक करने पर जोर दिया।
सब्जी और मक्का के लिए दो एफफीओ का गठन
मुख्य कृषि अधिकारी ने बैठक में बताया कि एफपीओ कृषि समुदाय का एक पंजीकृत समूह है जो खेती की सर्वोतम प्रथाओं को बढ़ावा देता है। जिले में 150, 150 किसानों के दो एफपीओ का गठन किया गया है जिसमें एक सब्जी के लिए और दूसरा मक्का के लिए है। डीडीसी ने क़ृषि अधिकारी को निर्देश दिया कि वे कृषि समुदाय की मदद के लिए लोकमित्रों की सहायता लें।