मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने लगे हैं। बारिश से कई जगह कच्चे मकान ढह गए हैं। तो वहीं पुंछ में पुलस्त नदी में बाढ़ के चलते वैलीबि्रज बह गया है। तो ऊंचे पहाड़ाें पर भी बर्फबारी होने से ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है।
राजोरी में मैदानी इलाकों में बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। वहीं पीर पंजाल के ऊंचे पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी के चलते कमर तोड़ ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं, लगातार हो रही तेज बारिश के चलते जिले की मंजाकोट तहसील में तीन कच्चे मकान ढहने व थन्नामंडी में दो कच्चे मकान ढह गए। एसडीपीओ मंजाकोट जाकिर शाहीन के अनुसार मंजाकोट निवासी शाहबाज खान, अलताफ हुसैन और हयातपुरा निवासी खादम हुसैन के कच्चे मकान तेज बारिश के चलते ढह गए।
हालांकि समय रहते मकानों में रहने वाले लोग बाहर निकल गए और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मकानों में रखा लाखों रुपये का सामान मलबे के नीच दबने से तबाह हो गया। उधर, थन्नामंडी के एसडीएम अश्वनी कुमार ने बताया कि तेज बारिश के चलते थन्नामंडी निवासी अहमद्दीन और हस्पलोट निवासी शकील अहमद के कच्चे मकान ढह गए हैं। थन्नामंडी में भी कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन मकानों में रखा सामान मलबे के नीचे दबने से तबाह हो गया है।
सभी परिवारों ने आसपास के घरों में पनाह ले रखी है। साथ ही जिले की बुद्धल, थन्नामंडी, दरहाल व कोटरंका तहसीलों के पीर पंजाल के ऊंचे पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी के चलते ठंड बढ़ गई है। तहसील मुख्यालयों पर औले गिरने और पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते लोगों की जीना दुश्वार हो गया है। कमर तोड़ ठंड के साथ लोगों को बिजली, पेयजल व सरकारी राशन की भारी किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
वहीं सुंदरबनी और इसके आसपास के क्षेत्रों में दो दिन मौसम साफ रहने के बाद वीरवार सुबह से एक बार फिर बारिश शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। भारी बारिश से यहां तापमान में हुई भारी गिरावट से ठंड भी बढ़ गई है। इस कारण बच्चों तथा बुजुर्गों को अपने घरों से बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है। बाजारों में भी सन्नाटा छा गया है। जिस कारण बाजारों में भी पूरी तरह से सन्नाटा छाया हुआ है।
वहीं, मेंढर तहसील में भी वीरवार को पूरा दिन झमाझम बारिश होती रही। इससे तापमान में काफी गिरावट आई और सर्दी बढ़ गई। तहसील की ऊंची चोटियों बिम्भर गली, बालाकोट, पठानातीर, कालाबन और डेरी में ओले पड़ने के बाद तेज हवाओं से ठंड में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
मेंढर निवासी विनय कुमार, गुलशन कुमार का कहना है कि वर्षा से दी, नालों में पानी का स्तर बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि इससे सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, पुंछ में भारी बर्फबारी से जिले ठंड लौट आई। सावजियां, लोरन, चंडीमाड़ा, पोशाना सहित कई क्षेत्रों में बर्फ क ी सफेद चादर बिछ गई। इस भारी बर्फबारी के चलते कई सड़क मार्ग बाधित हो जाने से दूर दराज के क्षेत्रों का अन्य क्षेत्रों से सड़क संपर्क पूरी तरह कट कर रह गया।
यही हाल नौशेरा का रहा जहां पर दिनभर तेज बारिश से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। बारिश होने से बाजार भी सूने हो गए। यहां पर लगातार बारिश होने से नदी-नालों का जलस्तर पूरी तरह से बढ़ गया है। बारिश के चलते तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को ठंड दोबारा महसूस देने लगी है। लोगों के गर्म कपड़े एक बार फिर निकल पड़े।