राजोरी। खांडली स्थित भाजपा मंडल प्रधान जसबीर सिंह के घर पर वीरवार रात हुए आतंकी हमले के विरोध में शुक्रवार को राजोेरी बंद रहा। शहर के अलावा आसपास के बाजार भी बंद रहे। यहां तक कि दवा, दूध, दही, फल और सब्जी आदि दुकानें भी लोगों ने बंद रखीं। यात्री वाहन के पहिये भी थमे रहे।
बंद के दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख आदि विभिन्न धर्मों के लोगों ने भाजपा नेता के घर पर हुए हमले के विरोध में खुद दुकानें बंद रखीं और हमला करने वालों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। बंद के दौरान विभिन्न हिंदू संगठनों के युवकों ने पुलिस और जिला प्रशासन के खिलाफ रोष रैली निकाली। इस दौरान डीसी और एसएसपी के खिलाफ नारेबाजी की गई। सरकार से दोनों अधिकारियों का जल्द तबादला करने की मांग की। भाजपा मंडल प्रधान के घर से निकाली गई रोष रैली जवाहर नगर से होते हुए पंजा चौक पहुंची। यहां चौक पर करीब एक घंटा तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद डीसी राजोरी राजेश कुमार शवन और एसएसपी शीमा नबी कस्बा ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन हर प्रकार से उनकी मदद करने के लिए तैयार है।
प्रदर्शनकारियों ने डीसी के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए कहा कि भाजपा नेता के घर पर ग्रेनेड हमले की गुत्थी को तत्काल सुलझाया जाए। इसके अलावा दो दिन पहले राजोरी के चकली गांव में युवक की निर्मम हत्या मामले को भी तत्काल सुलझाया जाए और आरोपियों को सलाखों के पीछे बंद किया जाए। डीसी राजोरी ने लोगों से कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। जल्द सफलता हाथ लगेगी। डीसी ने प्रदर्शनकारी युवाओं को समझाया कि दुश्मन नहीं चाहते कि राजोरी में विकास हो और युवा विकास में अपनी भागीदारी निभाएं, इसीलिए वह ऐसी हरकतें करके शांति में खलल डालते हैं, ताकि विकास के काम पर ब्रेक लग सके। डीसी ने कहा कि 15 अगस्त का मुख्य कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम को हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों से बैठक करके उनकी सभी बातें सुनी जाएंगी। जो जिला प्रशासन के हाथ में होगा, उसे मौके पर हल किया जाएगा और जो सरकार के हाथ में होगा वह बातें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
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वीडीसी सदस्यों को बंदूकें वापस देने की मांग
डीसी के समक्ष हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने कुछ मांगें रखते हुए कहा कि कुछ साल पहले सरकार ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सदस्यों से बंदूकें वापस ली थीं। उनको फिर से बंदूकें नहीं दी गईं और न ही नई वीडीसी के गठन करने पर कोई काम किया गया। हिंदू संगठनों ने डीसी से गुहार लगाते हुए कहा कि हिंदू संगठनों के लोगों को आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट बनने के लिए नहीं छोड़ा जाए। उन्हें वीडीसी बंदूकें देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। डीसी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे मामले की जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि जिन लोगों से वीडीसी बंदूकें वापस ली गई थीं वह प्रशासन ने अपने स्तर पर ली थी या इसमें सरकार का कोई आदेश था। यदि प्रशासन ने अपने स्तर पर बंदूकें वापस ली थीं, तो उन्हें तत्काल फिर से बंदूकें दे दी जाएंगी। यदि यह सरकार के आदेश पर हुआ था तो सरकार तक उनकी बात पहुंचा कर वीडीसी को मजबूत करने पर काम किया जाएगा। डीसी के आश्वासन पर सभी शांत हुए।