राजोरी। लोगों को साफ-सुथरा और स्वच्छ पेयजल प्रदान करने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा तो करती है। राजोेरी में जमीनी स्तर पर कुछ और ही देखने को मिलता है। राजोरी के प्लांगड़ गांव के लोगों ने जल शक्ति विभाग पर उन्हें दूषित जलापूर्ति करने का आरोप लगाते हुए बताया कि उनके इलाकों में बनाए गए पानी के टैंक वर्षों से साफ नहीं किये गए हैं। टैंक गंदगी के ढेर से भरे पड़े हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि सोमवार को उन्होंने वाटर टैंक का ढक्कन खोलकर देखा तो उसमें कौआ पाया गया। लोगों ने अपने स्तर पर मृत पक्षी को बाहर निकाल कर फेंका और बताया कि करीब 10 साल से इस टैंक की न तो सफाई की की गई है और न ही किसी अधिकारी ने आकर इसकी सुध ली है। इसके चलते लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। गुस्साए लोगों ने बताया कि उक्त वाटर टैंक से गांव की कई पंचायतोें को पानी आपूर्ति किया जाता है। इस मामले को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया व उन्हें शिकायत की। इसके बावजूद भी किसी ने कोई कदम नहीं उठाया और पानी के टैंक को साफ करके साफ जलापूर्ति करने की जहमत नहीं उठाई।
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कुछ गांवोें के लोग विभाग को बदनाम करने के लिए मरे पक्षियों को टैंक में डाल देते हैं। वे गंदगी पैदा करते हैं। फिर भी मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मुश्ताक चौधरी, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग