बीजीएसबीयू ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम मिलाप का आयोजन
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राजोरी। बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय के गोजरी, पहाड़ी और कश्मीरी भाषा अनुसंधान केंद्र ने मंगलवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम मिलाप का आयोजन किया। इसमें कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस मौके पर उप कुलपति प्रोफेसर अकबर मसूद ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी के बीच प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि का प्रचार करना है। इस तरह के आयोजन के लिए केंद्र की सराहना की। प्रोफेसर अकबर ने कहा कि प्रदेश को बहुआयामी, विविध और अद्वितीय सांस्कृतिक मिश्रण होने का गौरव प्राप्त है। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न सांस्कृतिक रूप इसकी वास्तुकला, मेले और त्योहार, अनुष्ठान, द्रष्टा और गाथाएं, भाषाएं और जातीयता, इतिहास के एक चिरस्थायी काल में अंतर्निहित है। एकता और विविधता को बयां करती है। प्रोफेसर अकबर ने कहा कि गोजरी और पहाड़ी में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की शुरुआत ने पीर पंजाल क्षेत्र के छात्रों के लिए अवसर के नए द्वार खोल दिए हैं।
अकादमिक मामलों के डीन प्रोफेसर इकबाल परवेज ने भी आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की, जो अद्भुत कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। इस अवसर पर डॉ. रफीक अंजुम की पुस्तक गोजरी अदबियत का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन समन्वयक रफीक अंजुम ने किया। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार मोहम्मद इशाक, प्रोफेसर इकबाल, एसोसिएट डीन, विभागों के प्रमुख, अधिकारी, संकाय सदस्य, शोध छात्र उपस्थित रहे।