राजोरी। शहर के बेला कॉलोनी वार्ड नंबर-दो में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब 10 दिन से लापता युवक का शव मिला। परिवार के सदस्यों ने युवक की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए अब्दुल्ला पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
जानकारी के अनुसार बेला कॉलोनी निवासी मोहम्मद जहूर 10 दिन पहले घर से अचानक लापता हो गया। बुधवार को पुलिस को पुराने बस अड्डे से एक शव मिला। उसकी पहचान जहूर के रूप में हुई। वहीं परिवार को जब बेटे की मौत की खबर लगी तो परिजन पहले अस्पताल पहुंचे और उसके बाद शहर के अति व्यस्त अब्दुल्ला पुल पर जाम लगा दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही और ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि 10 दिन से पुलिस उनके बेटे का पता नहीं लगा पाई और अब जब उनके बेटे की हत्या हुई है और शव मिला है तो पुलिस इसे संदिग्ध मौत का मामला बता कर टालमटोल किया जा रहा है। वहीं युवक के पिता मोहम्मद शकूर ने बताया कि उनका घर बेला कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी के पास है। इसके बावजूद पुलिस उनके बेटे को तलाश नहीं कर पाई। इसमें लगता है कि पुलिस ने जानबूझ कर मामले को गंभीरता से नहीं लिया। प्रदर्शनकारी परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि पुलिस तत्काल हत्यारों को गिरफ्तार करे और उन्हें न्याय दिलाए।
एसएचओ शब्बीर जिलानी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस अपना काम कर रही है और तत्काल ही उन लोग को पकड़ा जाएगा, जिनका उसकी मौत के पीछे हाथ है।
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क्या कहती है पुलिस
पुलिस ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शफ़ीक़ नामक एक युवक के खिलाफ जहूर का अपहरण करने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। शफ़ीक़ ने पूछताछ में बताया कि जहूर और उसने नशीली दवा का सेवन किया था। शफ़ीक़ के अनुसार जहूर ने नशीली दवा की ओवरडोज ली थी और वह बेहोश हो गया तो शफ़ीक़ उसे वहीं छोड़ घर चला गया। कड़ाके की ठंड और नशीली दवा की ओवरडोज से उसकी मौत हुई है। वहीं पुलिस ने शफ़ीक़ द्वारा बताए स्थान पर जांच की तो झाड़ियों से जहूर का शव पाया। पुलिस शफ़ीक़ से उसके अन्य साथियों और उन्हें नशीली दवा आपूर्ति करने वालों का पता लगाने में जुटी है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया है।