शहर के सनकारी क्षेत्र में एक वर्ष पहले बने सरकारी हाई स्कूल के भवन में दरारें पड़ गई हैं। छत से पानी भी टपकता है।
स्कूल के हेड मास्टर गुलजार खान ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले स्कूल भवन को रमसा के तहत बनाया गया था।
करीब साठ लाख रुपये की लागत से दो मंजिला भवन का निर्माण किया जाना था। भवन में बहुत हलकी गुणवत्ता की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है। इतने कम समय में ही स्कूल के करीब-करीब सभी कमरों की दीवारों में ही दरारें पड़ गई हैं। बारिश होती है तो पानी बाहर कम कमरों के अंदर ज्यादा आता है।
छत से पानी टपकने के कारण बारिश के दिनों में बच्चों को छुट्टी कर दी जाती है। सरपंच हाजी करामत बट्ट और अभिभावकों ने संबंधित विभाग के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए ठेकेदार के खिलाफ जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इतनी हलकी गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग किया गया है कि एक ही वर्ष में स्कूल में दरारें पड़ गई हैं। उन्हें डर है कि पता नहीं कब भवन ढह जाए और बच्चे उसके नीचे दब जाएं। इस संबंध में सीईओ राजोरी ने कहा कि वह इस मामले में पीडब्ल्यूडी के उच्च अधिकारी से बात करेंगे।
भवन की मरम्मत के अलावा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग करेंगे। उधर, पीडब्ल्यूडी विभाग के एईई शकील कुरेशी ने कहा कि पिछले वर्ष सितंबर माह में आए बाढ़ के कारण भवन में दरारें पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही मरम्मत करवा कर समस्या का समाधान किया जाएगा।