राजोरी। लंबित मांगों के समर्थन में हड़ताल पर गए बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से जहां एक तरफ आम जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ है। वहीं दूसरी और इससे पानी की भी किल्ल्त महसूस होने लगी है। हड़ताल पर बैठे कर्मियों ने बताया कि यदि कहीं पर भी बिजली खराब हुई, तो ठीक नहीं करेंगे।
कर्मचारी विभाग के निजीकरण होने को लेकर विरोध कर रहे हैं। अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने और वेतन विसंगतियों को लेकर विरोध जता रहे हैं। जिले के बिजली विभाग के कर्मचारी मांगों को लेकर लामबंद हो गए हैं। अस्थायी से लेकर स्थायी कर्मियों ने शनिवार सुबह से हड़ताल पर है। कर्मचारी विभाग के निजीकरण होने को लेकर विरोध कर रहे हैं। अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने और वेतन विसंगतियों को लेकर विरोध जता रहे हैं। हड़ताल पर बैठे कर्मियों ने बताया कि हमारे विभाग को एक निगम में बदल दिया गया था। हमें समय पर वेतन, पदोन्नति और दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हमें अंधेरे में रखा गया है। वे हमारे ग्रिड स्टेशनों का निजीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे विभाग से निगम में बदल दिया। फिर उन्होंने हमसे किए वादों को पूरा नहीं किया। अब क्या हमारे लिए यह विश्वास करना असंभव है कि वे ग्रिड स्टेशनों को नहीं बेचेंगे। कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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पावर ग्रिड हमारी संपत्ति, उन्हें बेचा नहीं जाए
हमें प्रतिनियुक्ति पर निगम भेजा गया, लेकिन यहां हमें नियमित आधार पर समय पर वेतन नहीं मिलता है। अधिकारियों को समय दिया, लेकिन वे हमारी मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। हमें हड़ताल करने के लिए मजबूर किया है। बिजली कर्मियों की हड़ताल से बिजली गुल होने से जहां सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ, वहीं दूसरी ओर पानी की समस्या से भी लोगों को दो-चार होना पड़ा है। पावर ग्रिड हमारी संपत्ति है, उसे बेचा न जाए। निजी हाथों में जाने से लोगों को काफी परेशानी होगी।