राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने मंगलवार को राजस्व अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की। इसमें डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के तहत भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए दस्तावेजों की स्कैनिंग, गुणवत्ता जांच और जमाबंदी के अपग्रेड करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 241 जमाबंदी की गुणवत्ता जांच/निरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें से 130 का डिजिटलीकरण शुरू कर दिया गया है। डीसी ने जमाबंदी के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई। जमाबंदी का डिजिटलीकरण, विभिन्न राजस्व सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी और सरकार द्वारा शुरू की गई अन्य जन-हितैषी पहल जैसी सरकार की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया।
डीसी ने राजस्व अधिकारियों को ऑनलाइन पोर्टल के बारे में जनता को शिक्षित करने का भी निर्देश दिया, जिसके माध्यम से राजस्व रिकॉर्ड देखा और डाउनलोड किया जा सकता है। बैठक में एडीसी सचिन देव सिंह, विनोद कुमार बहनाल, सुखदेव सिंह सम्याल, सुरिंदर मोहन शर्मा, कृष्ण लाल, एसीआर इमरान राशिद कटारिया, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने बाल आश्रम के कार्यों की समीक्षा की
राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने मंगलवार को बाल आश्रम और नारी निकेतन के लिए आहार और गैर-आहार वस्तुओं की ई-खरीद की प्रक्रिया की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि तीन बोलीदाताओं ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया है। यह भी अवगत कराया गया कि सबसे कम बोली लगाने वाले दुकानदार की दरें सरकारी दरों से अधिक थीं। उपायुक्त ने जल्द से जल्द टेंडर आवंटित करने के लिए सफल बोली लगाने वाले से बातचीत करने को कहा। बैठक में सीपीओ मोहम्मद खुर्शीद, जिला समाज कल्याण अधिकारी वकील अहमद भट्ट, डीटीओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। संवाद