जिले की बुद्धल तहसील के केवल गांव में 18 मकानों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
प्रभावित परिवारों ने बुधवार को राजोरी-बुद्धल सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने ग्रेफ और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।प्रभावित परिवारों के सदस्यों मुश्ताक अहमद, बशीर हुसैन, मुंशी खान, दलीप कुमार आदि ने बताया कि ग्रेफ विभाग ने कुछ महीने पहले राजोरी-बुद्धल मार्ग को चौड़ा करने के मकसद से पहाड़ की कटाई की थी।
उसी पहाड़ पर बसे 18 मकान हैं। काफी समय से लगातार हुई मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ की जमीन अब धंस रही है। जमीन धंसने का सिलसिला जारी है, जिससे उनके मकानों के ढहने का खतरा बना हुआ है।
इतना ही नहीं मकानों में कई जगहों पर दरारें भी पड़ गई हैं। ऐसे में उन मकानों में रहना अब संभव नहीं है। उन्होंने ग्रेफ के प्रति कड़ा रोष प्रकट करते हुए कहा कि यदि ग्रेफ पहाड़ की कटाई के बाद वहां पक्के डंगे बना देता तो उनके मकान ढहने से बच सकते थे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन को भी उनकी कोई चिंता नहीं है। करीब चार घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन के बाद एसएचओ बुद्धल प्रमोद सिंह मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिलाया कि वह ग्रेफ व प्रशासन से बात कर जल्द समस्या का समाधान करेंगे।
इस संबंध में कोटरंका के एसडीएम सुखपाल सिंह ने बताया कि पहले भी इस संबंध में ग्रेफ को नोटिस जारी किया गया था। वह फिर से ग्रेफ के साथ बात कर डंगा बनवा कर लोगों की परेशानी दूर करेंगे।