फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Poonch: पाकिस्तान को सौंपा फिदायीन का शव, राजोरी में घुसपैठ के दौरान हुआ था घायल, अस्पताल में तोड़ा दम

Mon, 05 Sep 2022 01:55 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, पुंछ

सार

पुंछ के चक्का दा बाग में एलओसी पर फिदायीन का शव पाकिस्तान को सौंप दिया गया है। राजोरी में घुसपैठ के दौरान फिदायीन घायल हुआ था। इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
Poonch - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान ने माना राजोरी में घुसपैठ के दौरान घायल फिदायीन उसका नागरिक था। हालांकि, अब तक वह इससे इनकार करता रहा है। पुंछ के चक्का दा बाग में एलओसी पर शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। राजोरी में घुसपैठ के दौरान फिदायीन घायल हुआ था। इसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृत फिदायीन का शव पाकिस्तानी सेना ने कब्जे में ले लिया है।

विज्ञापन


राजोरी के नौशेरा इलाके से एलओसी पर जख्मी हालत में पकड़े गए फिदायीन आतंकी की तीन सितंबर, शनिवार शाम सैन्य अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार सैन्य अस्पताल में उपचाराधीन तबारक को शनिवार को दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।

फिदायीन को चढ़ाना पड़ा था चार बोतल खून

22 अगस्त को सेना ने एलओसी के नौशेरा सेक्टर में शेर मकड़ी इलाके में चार आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर फिदायीन तबारक हुसैन को पकड़ा था। अत्यधिक खून बहने पर सैन्य जवानों ने उसे अपना चार बोतल खून दिया था। सर्जरी कर उसके शरीर से गोलियां निकाली गई थीं, लेकिन शनिवार शाम करीब 8 बजे दिल का दौरा पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


तबारक को पाकिस्तानी सेना के कर्नल ने दिए थे 30 हजार
 
एलओसी पर जिंदा पकड़े गए फिदायीन तबारक हुसैन ने सैन्य अस्पताल में माना था कि पाकिस्तानी सेना के कर्नल ने उसके समेत फिदायीन दस्ते को भारतीय सेना पर हमले के लिए भेजा था। तबारक को पाकिस्तानी सेना के कर्नल यूसुफ ने हमले के लिए 30 हजार रुपये भी दिए थे। हमले के लिए सेना की तीन अग्रिम चौकियों की रेकी गई थी।

22 अगस्त को पकड़ा गया तबारक इससे पूर्व वर्ष 2016 में भी सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसा था। इस दौरान 2 साल की सजा काटने के बाद उसे पाकिस्तान भेजा गया था।

फिदायीन ने कहा था- मैं यहां मरने के लिए आया था, मुझसे धोखा हुआ

इस बार वह फिदायीन हमले की तैयारी के साथ अन्य आतंकियों के साथ एलओसी से दाखिल होने की कोशिश में पकड़ा गया। गोली लगने से घायल होने पर तबारक चिल्ला रहा था - मैं यहां मरने के लिए आया था, मुझसे धोखा हुआ, भाई जान मुझे यहां से निकालो।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें