पुंछ। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से कश्मीर में सिख समुदाय की लड़की का धर्मांतरण किए जाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने के विरोध में सोमवार को मूक प्रदर्शन किया गया। इसमें हिंदू एवं मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए। कश्मीर में सिख समुदाय की लड़की की मुस्लिम से शादी कराए जाने की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
प्रेसवार्ता में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेेटी के प्रधान नरेंद्र सिंह और सचिव सुरजन सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने से देश भर में फंसे कश्मीरियों के बच्चे एवं कश्मीरी मुस्लिम बच्चियों को सिख समुदाय के लोगों ने अपने खर्च पर उनके घरों तक पहुंचाया। ऐसे सिख समुदाय की बच्ची का अपहरण और धर्म परिवर्तन कर उसके पिता की आयु के मुस्लिम व्यक्ति से विवाह कराने वालों को वो बात याद नहीं रही। हम कश्मीर के जिस क्षेत्र में यह घटना घटी है वहां की पुलिस के खिलाफ भी जांच की मांग करते हैं। जिसने पीड़ित सिख परिवार का सहयोग नहीं किया।
प्रेसवार्ता में मौलाना अब्दुल मजीद हाफिज, एडवोकेट मोहम्मद जमान, ताज हुसैन मीर आदि ने कहा कि जिस मोलवी ने निकाह पढ़ाया है वह इसलाम को जानने वाला नहीं होगा। इस्लाम सभी की बच्चियों की इज्जत और एहतराम का सबक सिखाता है। हम सब सिख समुदाय के साथ हैं। सुनील कुमार गुप्ता ने निंदा करते हुए कि सरकार से जम्मू-कश्मीर में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने की मांग की।