गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति इन दिनों जम्मू-कश्मीर के दौरे पर है। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद समिति के लगातार प्रदेश में दौरे होते रहे हैं। शनिवार को टीम ने श्रीनगर के लाल चौक स्थित मल्टी लेवल कार पार्किंग का किया दौरा किया। इसके अलावा अन्य विकास परियोजनाओं के बारे में जाना।
इससे पहले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से बैठक कर विकास कार्यों की स्थिति और जनता के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने किसानों, स्वयं सहायता समूहों के लाभार्थियों और युवा केंद्रित योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनका फीडबैक लिया। इस दौरान प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक विकास से लेकर पर्यटन विकास तक के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार कश्मीर पंडितों की ससम्मान वापसी के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। ई-आफिस के साथ ही अन्य प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं।
राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के नेतृत्व में आई 28 सदस्यीय समिति के समक्ष मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता ने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले दो साल में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का विकेंद्रीकरण किया गया है। प्रदेश में धरातल पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए डीडीसी और बीडीसी के चुनाव कराए गए। अब त्रिस्तरीय लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रदेश में लागू है। पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों को सशक्त किया गया है। जनता तक पहुंच कार्यक्रम के तहत बैक टू विलेज, जन अभियान, मेरा शहर मेरा गौरव पूरे प्रदेश में आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट को तेज किया गया है। वर्ष 2025 तक 2500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा। प्रदेश के 18 जिलों में सभी ग्रामीण स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जलापूर्ति सुनिश्चित कर दी गई है। पर्यटन एवं उद्योग प्राथमिकता वाले सेक्टर में शामिल हैं। औद्योगिक विकास के लिए पैकेज की घोषणा की गई है। युवाओं को रोजगार, महिला सशक्तीकरण और खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों की समिति ने सराहना की।
क्लस्टर कोल्ड स्टोरेज व क्षमता निर्माण संस्थान खोलने की मांग समिति ने स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों, सेब व केसर उत्पादकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने उत्पाद के लिए मार्केट उपलब्ध कराने, स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और क्लस्टर कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की मांग की। युवा केंद्रित योजनाओं के लाभार्थियों ने दूरदराज इलाकों में क्षमता निर्माण से जुड़ी संस्थाओं को खोलने पर जोर दिया।
सीआरपीएफ कैंप का किया दौरा
संसदीय समिति ने एमए रोड पर स्थित सीआरपीएफ 132 बटालियन कैंप का दौरा कर अधिकारियों व जवानों से संवाद किया। उन्होंने कार्य दशा और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में उनसे जानकारी हासिल की।