घाटी में सैनिक कालोनी मामले पर सियासत तेज हो गई है। राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सैनिक कालोनी के लिए भूमि देने के आरोप को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भूल बताते हुए कहा कि उमर आम आदमी नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं।
उम्मीद है कि वह आरोप लगाने की भूल को दोहराने से परहेज करेंगे। उधर, उमर ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यदि आरोप झूठे हैं तो महबूबा २४ घंटे के भीतर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं।
ग्रीष्मकालीन राजधानी में दरबार खुलने के अवसर पर नागरिक सचिवालय पहुंची महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सैनिक कालोनी के लिए कोई भूमि आवंटित नहीं की गई है। पूर्व सैनिकों की तरफ से सैनिक कालोनी के लिए भूमि अलाट करने की मांग जरूर की गई लेकिन यह मांग जम्मू कश्मीर के स्थायी नागरिक पूर्व सैनिकों के लिए थी ना कि गैर स्थानीयों के लिए।
मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लगाए गए आरोप जिसमें कहा गया था कि पीडीपी-भाजपा की वर्ष २०१५ और २०१६ में गठित सरकारों ने सैनिक कालोनी के लिए भूमि चिह्निïत करने की प्रक्रिया चलाई गई है, के जवाब में उमर पर निशाना साधा।