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उमर आम आदमी नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं: महबूबा मुफ्ती

Mon, 09 May 2016 07:44 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर

सार

  • सैनिक कालोनी मामला : महबूबा-उमर के बीच वाकयुद्ध
  • सीएम ने कहा उमर आम आदमी नहीं, मुख्यमंत्री रह चुके हैं
  • उमर ने कहा झूठ है तो मेरे खिलाफ मामला दर्ज करवाएं
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- फोटो : PTI
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विस्तार
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घाटी में सैनिक कालोनी मामले पर सियासत तेज हो गई है। राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सैनिक कालोनी के लिए भूमि देने के आरोप को पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भूल बताते हुए कहा कि उमर आम आदमी नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं।
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उम्मीद है कि वह आरोप लगाने की भूल को दोहराने से परहेज करेंगे। उधर, उमर ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यदि आरोप झूठे हैं तो महबूबा २४ घंटे के भीतर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं।

ग्रीष्मकालीन राजधानी में दरबार खुलने के अवसर पर नागरिक सचिवालय पहुंची महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सैनिक कालोनी के लिए कोई भूमि आवंटित नहीं की गई है। पूर्व सैनिकों की तरफ से सैनिक कालोनी के लिए भूमि अलाट करने की मांग जरूर की गई लेकिन यह मांग जम्मू कश्मीर के स्थायी नागरिक पूर्व सैनिकों के लिए थी ना कि गैर स्थानीयों के लिए।
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मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लगाए गए आरोप जिसमें कहा गया था कि पीडीपी-भाजपा की वर्ष २०१५ और २०१६ में गठित सरकारों ने सैनिक कालोनी के लिए भूमि चिह्निïत करने की प्रक्रिया चलाई गई है, के जवाब में उमर पर निशाना साधा।

 
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'यदि हिम्मत है तो मेरे खिलाफ मामला दर्ज करवाएं'

उमर अब्दुल्ला नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष हैंं। - फोटो : PTI
महबूबा ने कहा कि उमर खुद मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह भलीभांति जानते हैं कि जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को कोई शक्ति प्रभावित नहीं कर सकती फिर चाहे मुख्यमंत्री हों और या फिर प्रधानमंत्री। महबूबा ने कहा उम्मीद है उमर आम आदमी नहीं बल्कि पूर्वमुख्यमंत्री हैं और आरोप लगाने की भूल को दोहराने से परहेज करेंगे।

वहीं पूर्वमुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महबूबा पर निशान साधते हुए ट्वीट कर कहा महबूबा, आपने मुझ पर अफवाहें फलाने और सरकारी आदेश की फर्जी फोटो सोशल मीडिया में अपलोड करने का आरोप लगाया। मैं आपको चुनौती देता हूं, यदि हिम्मत है तो मेरे खिलाफ मामला दर्ज करवाएं।

राज्य के गृह विभाग का आदेश फर्जी है तो निकटवर्ती पुलिस थाने में आज ही मामला दर्ज करवाएं। यदि चौबीस घंटों के भीतर मामला दर्ज नहीं करवाया तो लोग जान जाएंगे झूठ कौन बोल रहा है। सच ही जीतता है।
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