एनआईटी श्रीनगर में पिछले दिनों गैर कश्मीरी छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की जांच के लिए नियुक्त जांच अधिकारी एडीसी नज़ीर अहमद बाबा ने निर्धारित समय में अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को पेश कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान उन्होंने एनआईटी छात्रों, फैकल्टी मेंबर्स, कॉलेज वार्डन, पुलिस अधिकारियों और एनआईटी कैंपस में अपना व्यवसाय चलाने वाले दुकानदारों के बयान दर्ज किये हैं। बताया गया है कि कुछ गैर-कश्मीरी छात्रों ने भी अपने बयान दर्ज करवाए हैं।
हालांकि, आधिकारिक रूप से कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन, भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि जांच का निष्कर्ष यह है कि शैक्षिक माहौल को बिगाड़ने के लिए गैर कश्मीरी छात्रों को जिम्मेदार माना गया है।
रिपोर्ट में लिखा गया है कि पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे गैर कश्मीरी छात्रों से बार-बार अनुरोध किये जाने के बावजूद वे नहीं माने इसलिए पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा। जांच अधिकारी द्वारा डीसी को सौंपी गई यह रिपोर्ट डिवकॉम के जरिए सरकार को भेज दी गई है।
सोमवार से एनआईटी में कक्षाएं शुरू हुईं, गैर कश्मीरी छात्रों की मौजूदगी न के बराबर
- फोटो : Amar Ujala
हजरतबल इलाके में स्थित एनआईटी कैंपस में फिलहाल शांति है, लेकिन, गैर कश्मीरी छात्र देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। सोमवार से एनआईटी में कक्षाएं शुरू हुईं, लेकिन, इनमें गैर कश्मीरी छात्रों की मौजूदगी न के बराबर रही।
एनआईटी के रजिस्ट्रार फैयाज़ अहमद मीर ने बताया कि एनआईटी में अभी स्पोर्ट्स सप्ताह चल रहा था और इससे पहले हुए बवाल के चलते गैर कश्मीरी छात्र अपने घरों को गए थे। एनआईटी में दुबारा से सामान्य कक्षाएं शुरू हुईं हैं और करीब 400 गैर कश्मीरी छात्र वापस आ गए हैं।
सनद रहे कि एनआईटी में बाहरी छात्रों की तादाद लगभग पौने दो हजार है। मीर ने यह भी बताया कि जो गैर कश्मीरी छात्र घर चले गए थे उनकी परीक्षा अब पांच मई से आठ मई तक होगी। कुछ गैर कश्मीरी छात्रों ने कहा कि हम अभी भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
हम अपना यह प्रदर्शन जारी रखेंगे। एनआईटी द्वारा जारी की गई डेट शीट पर पूछे गए सवाल पर छात्रों ने कहा कि अभी फिलहाल हमने इस बारे में कुछ नहीं सोचा, हमारा एक ही उद्देश्य है अपनी मांगों को पूरा करवाना। सोमवार को जम्मू में भी जोरदार प्रदर्शन हुआ।
अभी किसी जांच रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। विभिन्न स्तरों पर जांच चल रही है। इतना तय है कि सरकार किसी भी पक्ष से अन्याय नहीं होने देगी। - डॉ. निर्मल कुमार सिंह, उप मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर