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परिसर में हुई घटना की जांच के लिए एनआईटी श्रीनगर ने बनाई समिति

Thu, 21 Apr 2016 12:09 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली

सार

  • एनआईटी के छात्रों की कई मांगों को संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सहमति मिली
  • ईरानी को तिरंगा फहराने के लिए एनआईटी के छात्रों ने लिखा पत्र
     
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- फोटो : PTI
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विस्तार
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एनआईटी श्रीनगर ने छात्रों के लिए एक शिकायत निवारण समिति गठित की है जिसमें दो बाहरी सदस्य होंगे। यह समिति परिसर में हुई उस घटना की जांच करेगी जिसके कारण तनाव बढ़ा और इस मामले की रिपोर्ट 15 मई तक दाखिल करेगी। यह निर्णय भी लिया गया है कि संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स गैर-कश्मीरी छात्रों की कुछ मांगों जैसे छात्र काउंसिल बनाने और संस्थान में सभी राष्ट्रीय त्योहार मनाने पर विचार करेगा। 
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एनआईटी प्रशासन छात्रों की इस मांग पर भी सहमत हुआ कि तीन-चार महीने में मेडिकल सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। छह महीने में 80 कमरे वाले दो होस्टल और 15 क्लासरूम तैयार हो जाएंगी। मेडिकल और फूड बिल के बदले पैसों की वापसी और परिसर में फ्रूट कॉर्नर बनाए जाएंगे। 

बैठक में हाल ही में हुई परीक्षा के ऐच्छिक बाह्य मूल्यांकन की अनुमति का निर्णय लिया गया। मंगलवार को हुई बैठक में एनआईटी श्रीनगर के निदेशक रजत गुप्ता, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारी और छात्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 
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बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के निर्णय को संस्थान की वेबसाइट पर भी डाला गया। छात्रों ने 19 मांगें की जिनमें संस्थान के परिसर में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी या प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराया जाना भी शामिल थी। एनआईटी प्रशासन द्वारा बैठक की खास बातें वेबसाइट पर प्रकाशित की गईं, लेकिन इसमें तिरंगा फहराने से संबंधित निर्णय का कोई जिक्र नहीं है।
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ईरानी को तिरंगा फहराने के लिए एनआईटी के छात्रों ने लिखा पत्र

स्मृति ईरानी
मंगलवार को हुई बैठक में छात्रों ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों को स्मृति ईरानी के लिए एक चिट्ठी सौंपी। इसमें कहा गया है, ‘हम अनुरोध करते हैं कि मानव संसाधन विकास मंत्री या प्रधानमंत्री एनआईटी श्रीनगर आएं और परिसर में पूरी ऊंचाई पर तिरंगा फहराएं।’

इससे अवकाश पर गए छात्र लौटेंगे और उनमें सुरक्षा की भावना उत्पन्न होगी। पत्र में लिखा गया, ‘इससे यह संदेश जाएगा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और परिसर के भीतर और बाहर के राष्ट्रविरोधी तत्वों पर यहां के छात्रों की मनोवैज्ञानिक जीत होगी।’
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