हंदवाड़ा में कथित तौर पर छेड़छाड़ की घटना और उसके बाद हुई हिंसा में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की एक जनहित याचिका पर जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही लड़की की मां से उसकी और उसके पिता की मुलाकात 26 अप्रैल से पहले करवाने के पुलिस को निर्देश दिए हैं।
कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दायर जनहित याचिका में हंदवाड़ा में कथित तौर से सेना के जवान पर एक लड़की के साथ छेड़छाड़ के बाद भड़की हिंसा और उस दौरान मारे गए 5 स्थानीय निवासियों के मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
जस्टिस अली मोहम्मद माग्रे और जस्टिस ताशी राबस्तान की की खंडपीठ के सामने बार अध्यक्ष मियां क्यूम ने डीविजन बैंच के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हंदवाड़ा कहा कि मामले को दबाया जा रहा है। जिला मैजिस्ट्रेट ने अधिकार न होने के बावजूद अतिरिक्त जिला उपायुक्त को मैजिस्ट्रेट जांच के लिए कहा है। इस मामले में स्वयं एक पक्ष होने के बावजूद संबधित थाना प्रभारी ने भी जांच शुरू कर दी है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि पीड़ित छात्रा से जबरन बयान दिलाया गया और सेना को पहले ही क्लीन चिट दे दी गई। लिहाजा हाईकोर्ट के वर्तमान जज से मामले की न्यायिक जांच करवाई जाए। आईजीपी कश्मीर के नेतृत्व में विशेष जांच दल बनाया जाए जो मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करे। खंडपीठ ने दलीलें सुनने के बाद राज्य सरकार को न्यायिक जांच पर अपना पक्ष रखने को कहा।