आखिरकार लाल सिंह की स्वास्थ्य विभाग से विदाई हो गई। मुफ्ती सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल के दौरान चिकित्सकों का भारी विरोध झेलने वाले लाल सिंह को वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई, जबकि पिछली सरकार के वन मंत्री बाली भगत को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने देर रात अपने मंत्रियों को विभाग जारी कर दिए। महबूबा ने अपने स्व. पिता के पिछले मंत्रिमंडल के 16 मंत्रियों में से सात मंत्रियों के पद बरकरार रखे, जबकि शेष नौ मंत्रियों के विभाग बदले गए हैं। उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह (पीडीडी, आवास व शहरी विकास) बनाया गया है।
चंद्र प्रकाश गंगा (उद्योग व वाणिज्य), गुलाम नबी लोन (कृषि उत्पादन), हसीब ए द्राबू (राजस्व, संस्कृति, श्रम और रोजगार), चौधरी जुल्फिकार (सीएपीडी और जनजातीय मामले), नई अख्तर (शिक्षा) और इमाम राजा अंसारी (सूचना तकनीक, तकनीकी शिक्षा और खेल) के पास उनके पुराने विभाग बरकरार हैं। पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहे शेरिंग दोरजे का कद बढ़ाकर इस बार सहकारिता मंत्री बनाया गया है।
sham lal Chaudhary
- फोटो : Sanjay Gupta
पिछली सरकार में राजस्व मंत्री रहने वाले जावेद मुस्तफा मीर को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद अब रियासत के खजाने की जिम्मेदारी सैयद बशारत बुखारी को दी गई है। उनके पास राहत व पुनर्वास विभाग भी पूर्व की तरह होगा। हालांकि उनके कानून, न्याय व संसदीय मामले का विभाग दो मंत्रियों को बांटा गया है।
कानून व न्याय अब्दुल हक खान के पास होगा, जबकि संसदीय मामले की जिम्मेदारी अब्दुल रहमान वीरी को दी गई है। वीरी के पास पब्लिक वर्क्स भी होगा। पीएचई, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग एक बार फिर चौधरी बिरादरी के पास ही रहा। भाजपा के नवनियुक्त मंत्री शाम लाल चौधरी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई, जो पहले सुखनंदन चौधरी के पास थी।
पूर्व राज्यमंत्री प्रिया सेठी के पास उनके विभाग बरकरार रहे। जबकि नवनियुक्त राज्यमंत्री अजय नंदा को भाजपा के ही पूर्व राज्यमंत्री पवन कुमार गुप्ता के विभाग (वित्त एवं योजना, सूचना तकनीक, कानून, न्याय व संसदीय मामले, सीएपीडी, जनजातीय मामले, राहत व पुनर्वास, श्रम व रोजगार) सौंपे गए।