सैनिक कालोनी मामले विवाद को दिलचस्प मोड़ देते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मामले की शुरूआत उमर अब्दुल्ला के सीएम कार्यकाल में हुआ था। श्रीनगर में एक बुकस्टोर का उद्घाटन करने पहुंची थी।
महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के स्टेट सब्जेक्ट धारक पूर्व सैनिकों के लिए सैनिक कालोनी बनाने की कवायद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान शुरू की गई। इसके लिए पहली बैठक उमर की अध्यक्षता में आयोजित की गई और सैनिक कालोनी के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश भी उन्होंने ही दिए थे।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अंतिम बैठक राज्यपाल शासन के दौरान हुई थी। राज्यपाल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार श्रीनगर में चूंकि भूमि उपलब्ध नहीं थी लिहाजा सेना को भूमि देखने के लिए कहा जाना चाहिए। लेकिन भूमि अलाट करने का फैसला नहीं लिया जा सका।