आतंकियों के घुसपैठ का रूट माने जाने वाले हीरानगर सेक्टर के दरियाई नालों पर लेजर बीम लगाने की तैयारी की जा रही है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से होकर पाकिस्तान की ओर जाने वाले दरियाई नालों में किसी भी हलचल को भांपने के लिए इस तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार पूर्व में आतंकियों के लिए घुसपैठ का आसान रूट समझे जाने वाले छाप, भाग और तरनाह नाले में लेजर बीम का प्रयोग करने की योजना है। ऐसा इसलिए भी महत्वपूर्ण है चूंकि हर साल बरसात के दिनों में बाढ़ से जहां तारबंदी को नुकसान पहुंचता था, वहीं दरियाई नालों में पहरा बढ़ाना भी बड़ी सिरदर्दी थी।
इन नालों की बनावट कुछ इस तरीके से रही है कि घुसपैठ को रोक पाना बड़ी चुनौती रहती है। लेजर बीम की मदद से सीमा पर होने वाली किसी भी तरह की हलचल को भांपना आसान होगा।