रैनावारी इलाके में वीरवार को 27 वर्षों के बाद वैताल भैरव का मंदिर खुला। देश विदेश से पहुंचे कश्मीरी पंडितों ने पूजा अर्चना की।
इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए। इस मौके पर सरकार और अन्य संस्थाओं से मंदिर के कायाकल्प के लिए मदद मांगी गई। रैनावारी के जोजिलंकर मोहल्ले में स्थित इस वैताल भैरव मंदिर में वीरवार को सुबह से ही चहल पहल देखने को मिली। कश्मीरी पंडित और मुसलमान इस पल के गवाह बने।
राज्य के बाहर से आए उत्पल कौल के अनुसार वर्ष 1986 में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। वर्ष 1989 में यह मंदिर उस समय बंद हुआ, जब घाटी में आतंकवाद की शुरूआत हुई। उनके अनुसार तब से मंदिर के द्वार नहीं खुले थे। अब 27 सालों बाद हवन पूजन कर इसे एक बार फिर खोल दिया गया है।