औद्योगिक कारखानों के प्रदूषण और औद्योगिक इकाइयों द्वारा स्थानीय युवाओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए बेरोजगार युवाओं ने रविवार को इकाइयों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इकाइयां नियमों का उल्लंघन कर रहीं है और प्रशासन भी इस पर मूक बैठा हुआ है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे अंकुर शर्मा ने कहा कि कारखाना प्रबंधन बेरोजगार पढे़ लिखे युवाओं के साथ भेदभाव कर रहा है। राज्य सरकार की नीतियों के मुताबिक कारखाना प्रबंधन को स्थानीय युवाओं को रोजगार देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जिला में बेरोजगारों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बावजूद कारखाना प्रबंधन बाहरी युवाओं को प्राथमिकता देते हैं।
स्थानीय युवा जब भी आवेदन करते हैं तो जरूरत नहीं है कहकर टाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सब प्रशासन की लापरवाही है। इस मौके पर सुदेश कुमार ने कहा कि प्रदूषण भी इन कारखानों के कारण बढ़ता जा रहा है लेकिन प्रदूषण नियंत्रण विभाग मात्र खानापूर्ति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आखिर कब तक यह सब लोग झेलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से सब चलता रहा तो बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग अब जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेगा।
ऐसे में प्रशासन व कारखाना प्रबंधकाें को कार्यप्रणाली में सुधार लाना होगा नहीं तो वे आंदोलन को उग्र रूप देंगे। इस अवसर पर सुरेश यादव, दिलीप सिंह सहित कई अन्य बेरोजगार युवा भी उपस्थित रहे।