पंडोरी धाम आश्रम में श्रीमद भगवत कथा के शुभारंभ पर निकाली गई कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु महिल?
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कठुआ। शहर के वार्ड नंबर 2 स्थित पंडोरी धाम आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ किया गया। सोमवार को आश्रम परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
ढोल नगाड़े के साथ निकाली गई कलश यात्रा में शामिल भक्तों की ओर से लगाए जा रहे जयघोष और भजन कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया था। कलश यात्रा शहर के कालेज रोड से होती हुई शहर के प्राचीन बावलियों पर पहुंची। जहां पूजा अर्चना के साथ कलशों को बावली के पवित्र जल से भरा गया और वापस आश्रम में यात्रा आकर संपन्न हुई। जहां विधि विधान से पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई।
इस मौके पर कथा व्यास पंडित हेमराज शास्त्री जी ने अपने प्रवचनों में उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत पुराण की जानकारी देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है। इसके श्रवण मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त होकर शांत व स्थिर हो जाता है। उन्होंने कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का साप्ताहिक अनुष्ठान हरिद्वार में किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया। इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत मुनि से योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं। भगवान विष्णु कहते हैं की जो मेरी कथा कहता और करवाता है उसके इस लोक के सभी कष्टों का वह हरण करते हैं और अंत में उसे बैकुंठ में वास मिलता है। अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ कथा संपन्न हुई।