कठुआ। कठुआ जिले में स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) ने ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन को नई दिशा दी है। वर्ष 2011 से अब तक संस्थान ने सात हजार से अधिक प्रशिक्षुओं को कौशल प्रशिक्षण दिया है जिनमें अधिकांश स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाए हैं।
वार्ड नंबर 11 कठुआ की सोनिया शर्मा ने सॉफ्ट टॉय मेकिंग का प्रशिक्षण पूरा अपने बनाए खिलौनों को कठुआ सहित जम्मू-कश्मीर के विभिन्न प्रदर्शनी और क्राफ्ट मेलों में प्रदर्शित कर आत्मनिर्भर बनीं। सोनिया अब अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गईं हैं।
गांव कडयाला ब्लॉक मढ़ीन की रेणु बाला ने मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने अपने घर पर ही छोटा उत्पादन केंद्र स्थापित किया और सफलतापूर्वक मशरूम की खेती शुरू की। उनकी पहल से गांव की अन्य महिलाएं भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। रेणु बाला ने साबित किया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक कृषि और उद्यमिता में सफलता हासिल कर सकती हैं।
आरएसईटीआई कठुआ 18 वर्ष से 50 वर्ष आयु वर्ग के उम्मीदवारों को विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए संस्थान में निः शुल्क आवास की सुविधा उपलब्ध है। यहां ब्यूटी पार्लर, मशरूम उत्पादन, पापड़ व अचार निर्माण, सॉफ्ट टॉय मेकिंग, बांस शिल्प, कृत्रिम आभूषण निर्माण, फास्ट फूड की तैयारी, एसी रिपेयरिंग और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन जैसे लोकप्रिय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
संस्थान केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद करता है। इस सहयोग से महिलाएं अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं।
प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं समाज में बदलाव की मिसाल बन रही हैं। इन प्रयासों से न केवल परिवारों की आय बढ़ रही है बल्कि पूरे समाज में स्वावलंबन और प्रेरणा का संदेश भी पहुंच रहा है।