गर्मी इस समय अपने प्रचंड रूप में है। पेयजल विभाग जिले के लोगों को पानी पिलाने में हांफने लगा है। मई महीने में शुरू हुई पानी की समस्या मई महीने के अंत आते ही विकराल रूप ले चुकी है। जून में प्रचंड गर्मी के चलते हालात और भी खराब हो सकते हैं, क्योंकि जिला विकास बोर्ड की बैठक में कठुआ शहर के ट्यूबवेल के लिए स्टैंड बाई सिस्टम मंजूर नहीं हुआ।
पूरे कठुआ सब डिवीजन के सैकड़ों ट्यूबवेल में केवल दो दर्जन ट्यूबवेल पर ही स्टैंड बाई सिस्टम मंजूर हुआ है। वर्तमान में कठुआ सब डिवीजन के किसी भी ट्यूबवेल पर स्टैंड बाई सिस्टम नहीं है।
विभागीय कार्यालय के अनुसार सब डिवीजन कठुआ के शहरी लोगों और ग्रामीण लोगों के लिए प्रतिदिन 45 गैलन प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी की जरूरत है। इस समय विभाग केवल 35 गैलन पानी ही प्रति व्यक्ति मुहैया करा पा रहा है।
यानी शहर में हर दिन सवा लाख गैलन पानी की कमी चल रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि अभी पानी का डिस्चार्ज कम न होने का दावा विभाग कर रहा है। पानी का डिस्चार्ज जून में कम होता है तो स्थिति और भी विकराल हो सकती है।
इस समय कठुआ सब डिवीजन में करीब 253 ट्यूबवेल हैं। इनमें 11 ट्यूबवेल शहर में है और बाकी 242 ग्रामीण क्षेत्रों में। शहरी इलाके में जहां लोगों को हर दिन दस गैलन कम पानी मिल रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी भयंकर है।
वहां तीस गैलन प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी मुहैया करवाया जा रहा है। पानी की किल्लत यहीं थमती नजर नहीं आती है, इन 253 ट्यूबवेल में कहीं भी स्टैंड बाई सिस्टम नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो राज्य सभा सांसद शमशेर सिंह मन्हास द्वारा जारी फंड से हीरानगर के 17 ट्यूबवेल पर स्टैंड बाई सिस्टम मंजूर हुए हैं। कठुआ के ग्रामीण इलाकों में केवल छह ट्यूबवेल पर स्टैंड बाई सिस्टम मंजूर हुआ है। शहरी क्षेत्र के सभी 11 ट्यूबवेल बिना स्टैंड बाई सिस्टम के रह गए हैं।