पानी की पाइप के लिए नाली खोदने का मामला दो भाइयों के बीच खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। एक भाई ने दूसरे को नाली खोदने से रोका तो विवाद बढ़ गया।
दोनों भाइयों में जब मारपीट होने लगी तो आसपास के लोग बीच-बचाव को पहुंचे। वहां उन्हें एक भाई काकाराम (65) बेहोश पड़ा मिला, जिसे लोगों ने तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने काकाराम को मृत लाया घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि सावनचक स्थित शनिदेव मंदिर के नजदीक रह रहे काकाराम और गोपाल दास के बीच घर के पास की जमीन से पानी की पाइप डालने के लिए बनाई जा रही नाली विवाद का सबब बन गई।
नाली बनाने के मामले में पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई और फिर नौबत मारपीट तक पहुंच गई। दोनों भाइयों में हिंसक झड़प होते देख स्थानीय लोग बीच-बचाव करने पहुंचे और जमीन पर पड़े बेहोश काकाराम को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया काकाराम के शरीर के भीतरी अंगों में चोट आने की आशंका है।
उधर सावनचक शनिदेव मंदिर से सटे मोहल्ले में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई। दो भाइयों के बीच छिटपुट विवाद में एक की जान चली जाएगी, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। पुलिस के अनुसार चूंकि काकाराम मारपीट के दौरान घायल हो गया था, ऐसे में प्रथम दृष्टया इस मौत की वजह मारपीट को ही माना जा रहा है।
पुलिस ने काकाराम के शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। आपस में सगे भाई काकाराम और गोपाल दास के परिवार अलग-अलग रहते हैं। काकाराम के रिश्तेदारों ने बताया कि जिस जगह पानी की पाइप के लिए नाली खोदी जा रही थी, वह उनकी अपनी जमीन है।
गोपाल दास ने उनके काम में दखल दिया और बात को बेवजह इस कदर बढ़ा दिया कि परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। उधर अस्पताल में काकाराम की मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार वालों को संभालना मुश्किल हो गया। घर के बुजुर्ग सदस्य एक ही परिवार के दो सदस्य के बीच के विवाद और उसमें एक की मौत से बदहवास हो गए।