कठुआ। धर्मांतरण को लेकर शहर के शहीदी चौक में हंगामे के बाद पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया। जिले में सामने आया अपनी ही तरह का यह दूसरा मामला है। कुछ दिन पहले नगरी से सटे इलाके में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। जिसके बाद उसका विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस के अनुसार मामले में धर्मांतरण के सुबूत नहीं हैं। जांच की गई है और ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया है।
बुधवार शाम को उस समय मामला गरमा गया जब हिंदू संगठनों के सदस्यों ने शहीदी चौक के नजदीक एक परिसर में पूछताछ शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाए कि प्रार्थना सभा के नाम पर जिले के बाहर से आए लोग यहां के लोगों का धर्मांतरण करवा रहे हैं। मामला बढ़ता देख मौके पर पहुंची पुलिस ने एहतियाती तौर पर तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं प्रार्थना सभा में मौजूद दीपिका ने बताया कि वे आराधना कर रहे थे, मसीह विरोधी लोग आए और विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लोग नहीं जाते लेकिन शांति से रह रहे लोगों को परेशान कर रहे हैं। पवन कुमार निवासी वार्ड एक कठुआ ने बताया कि नए साल पर प्रार्थना सभा रखी गई थी। प्रार्थना के बाद प्रभु का संदेश बांट रहे थे तभी कठुआ के कुछ लोग आ गए और इसे बंद करवा दिया। किसी भी तरीके से धर्मांतरण नहीं हो रहा है। कुछ मेहमान बुलाए गए थे जिन्हें पुलिस साथ ले गई है। बजरंग दल के सदस्य संजय लोत्रा ने कहा कि कुछ लोग ब्रेनवॉश कर लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। अनुसूचित जाति के लोगों को बरगलाया जा रहा है। पहले बाइबल पढ़ाते हैं और फिर धर्मांतरण करवा देते हैं। इस तरह के मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे समाज का माहौल खराब होता है।