पुरथु में बसोहली क्षेत्र के मछुआरे अपनी समस्या के बारे में पत्रकारवार्ता कर जानकारी देते हुए। स?
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बसोहली। शुक्रवार को बसोहली क्षेत्र के मछुआरों ने पत्रकार वार्ता के जरिए यह जानकारी दी कि रंजीत सागर झील में मछली पकड़ने का ठेका समाप्त होने के बाद उनका रोजगार पूरी तरह से खत्म हो चुका है। जिसके कारण वह पूरी तरह से बेरोजगार हो चुके हैं, यहां तक कि उन्हें अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब पांच माह पूर्व यह ठेका समाप्त हो गया था, जिसके बाद से वह बेरोजगार हो गए हैं। इससे घर में राशन की भी दिक्कत हो गई है।
उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में एडीसी बसोहली तिलकराज थापा और जिला विकास परिषद के अध्यक्ष महान सिंह को भी अवगत करवाया जा चुका है लेकिन केवल झूठे आश्वासन दिए गए हैं। उनकी समस्या का समाधान आज दिन तक नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि जब तक टेंडर प्रक्रिया नहीं होती तब तक क्षेत्र के मछुआरों को झील में मछली पकड़ने की अनुमति दी जाए और उससे जो भी रेवेन्यू आएगा वह उसे मत्स्य विभाग को दे देंगे। इनमें क्षेत्र के वह मछुआरे भी मौजूद हैं जो बीती कई पीढ़ियों से इस काम के जरिए अपना रोजगार चला रहे हैं। आज पूरी तरह से बेरोजगार हो चुके हैं। उनके पास जो मछली पकड़ने के लिए जाल थी वह भी खराब हो चुके हैं। हालांकि कोविड-19 के दौरान पंजाब व हिमाचल राज्य में मछुआरों को आर्थिक सहायता सरकार की ओर से मुहैया करवाई गई लेकिन जम्मू-कश्मीर के बसोहली में वह भी मछुआरो को नहीं मिली। निराश होकर क्षेत्र के मछुआरे अब सड़कों पर उतरने का अपना मन बना रहे हैं। तारीक हुसैन, विजय कुमार, मोहम्मद अयूब, मंगलू राम, मोहम्मद परवेज, शौकत अली, मोहम्मद शफी आदि मछुआरों ने बताया कि 10 जून से रंजीत सागर झील से मछली पकड़ने का ठेका समाप्त हो चुका है। इसके बाद यह ठेका किसी को नहीं दिया गया, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 10 दिन के भीतर अगर मछुआरों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह अपनी सभी नावों को रंजीत सागर झील में उतार देंगे और मछली पकड़ना शुरू कर देंगे। इस व्यवसाय से 80 परिवारों के करीब 600 लोग जुड़े हैं जिनका भरण पोषण होता है उन्होंने मत्स्य विभाग व सरकार से मांग की है कि बेरोजगार हुए मछुआरों को राहत पैकेज दिया जाए। इस बारे में जिला विकास परिषद के अध्यक्ष महान सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक से भी इस संदर्भ में बात की गई है उनका कहना था कि करीब एक सप्ताह के भीतर ई पोर्टल के जरिए टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। अध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्र के मछुआरों को रोजगार मिले इसके लिए भी प्रयास कर रहे हैं और जल्द उनकी समस्या का समाधान करने के लिए भी काम किया जाएगा।