मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आर्म्स एक्ट के मामले में दो आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। साथ ही दोनों आरोपियों को जमानत के लिए तीस-तीस हजार का निजी मुचलका और समान राशि का एक-एक जमानती कोर्ट के सामने प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। आरोपियों को जांच में सहयोग करने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
कोर्ट में पेश चार्जशीट अनुसार गुलशन कुमार निवासी वार्ड नंबर 12 और राजेश वर्मा निवासी वार्ड नंबर 11 कठुआ को पुलिस ने 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से एक तलवार और एक टोका बरामद किया गया था। दोनों आरोपी पंजाब की ओर से कठुआ की तरफ आ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का आर्म्स एक्ट में चालान कर दिया। 20 सितंबर को आरोपियों ने कोर्ट में अर्जी लगाकर जमानत की मांग की। इसमें आरोपियों के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने उसके मुवक्किलों को झूठे मामले में फंसाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया। 27 सितंबर को न्यायालय ने आरोपियों की जमानत पर सुनवाई करते हुए माना कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आरोपियों की पुलिस हिरासत अब आवश्यक नहीं है। हालांकि अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए अपराध को गंभीर और गैर जमानती बताया, लेकिन अदालत ने आरोपियों को सहयोग और सजा की अधिकतम अवधि पांच वर्ष को ध्यान में रखते हुए दोनों की सशर्त जमानत मंजूर कर दी।