लखनपुर टोल प्लाजा के रास्ते पशु तस्करों का वाहन क्लीयर किए जाने के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिनसे लखनपुर टोल प्लाजा में होने वाली वाहनों की जांच संदेह के घेरे में आने लगी है। जानकारी के अनुसार एक ओर तस्करों ने जहां सीमेंट दिखाकर पशुओं की तस्करी का प्रयास किया, वहीं बीस टन क्षमता की गाड़ी में आठ टल के लगभग माल होने पर भी आबकारी विभाग के अधिकारियों का माथा नहीं ठनका। पुलिस अब इस पहलू पर सख्ती से कदम उठाने की तैयारी में है।
दरअसल, पशु तस्करी के लिए प्रयोग ट्रक (जेके12ए3185) की तय क्षमता बीस टन भार ढोने की है। एक ट्रांस्पोर्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सीमेंट के जितने भी कंसाइनमेंट लोड किए जाते हैं, उनमें माल के अनुसार ही वाहन का प्रयोग किया जाता है। बारह टायर की बीस टन क्षमता वाली गाड़ी में दस टन सीमेेंट लोड बताया जाना खुद में संदेह पैदा करने वाली बात है, जबकि कांटे पर जांच के दौरान आठ टन के लगभग माल लोड सामने आने पर भी विभाग ने वाहन की जांच नहीं की।
गार्ड द्वारा जांच पर्ची जारी किए जाने की प्रक्रिया की जगह अधिकारियों ने वाहन की जांच क्लीयरेंस स्लिप बनाई। पुलिस के अनुसार फिलहाल विभाग के एक इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी जांच के घेरे में हैं। लेकिन, लापरवाही के मामले में ड्यूटी समय के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है। चूंकि वाहन को क्लीयरेंस में उनकी भी उतनी ही जिम्मेदारी थी।