मौसम के मिजाज में बेरुखी बढ़ती जा रही है। बीते दिन की तुलना में अधिकतम तापमान का पैमाना भले ही आंशिक रूप से कम रहा हो, लेकिन आर्र्दता गायब रहने से जनजीवन बेहाल हो गया। शनिवार को सुबह से ही तपिश हो गई थी। दिन चढ़ा तो गर्म हवाओं के थपेड़ों ने परेशान करना शुरू कर दिया।
खरीफ के सीजन में किसान इन दिनों खेतों की जुताई में जुटे हुए हैं। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच काम करना दुश्वार हो रहा है। आसमान से अंगारे बरस रहे हैं। अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। आम लोगों के लिए झुलसा देने वाली गर्मी की चुनौती से निपटना मुश्किल हो रहा है। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही। शाम ढलने के बावजूद हवा में तपिश बरकरार रही।
लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। दोपहर में पैदल चलने वालों से लेकर बाइक सवार चेहरे पर कपड़ा बांधकर ही निकल रहे हैं। धूप की चुभन के साथ-साथ गर्म हवाओं के थपेड़े सहना मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी में लोग प्यास से भी बेहाल हो रहे हैं। खूब पानी पीने के बावजूद प्यास बुझने का नाम नहीं ले रही है।