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राज्य में ही खपेंगी रियासत की मछलियां

Tue, 13 Sep 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
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हज़ारों की तादाद में मरी मछलियां - फोटो : ANI
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रंजीत सागर झील में मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही बेरोजगार युवाआें को भी इस ओर आकर्षित किया जाएगा। इसके लिए विभाग जहां नई नकनीक का सहारा ले रहा है, वहीं युवाओं को जागरूक भी कर रहा है।
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रंजीत सागर झील से पंजाब और अन्य राज्यों को मछली की सप्लाई न देकर अब अपने राज्य में ही इन मछलियों की खपत की जाएगी। ये बातें पशुपालन एवं मछली पालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने कही। अपने कठुआ दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि अपने राज्य की मछली की खपत अपने राज्य में होने से चालीस फीसदी मछलियों का आयात रोका जा सकेगा। इससे राज्य आत्मनिर्भर होगा और रोजगार के साधनों का भी सृजन होगा।

सतवाईं केज कल्चर का निरीक्षण करने के बाद मंत्री कठुआ फिश फार्म, पशु पालन विभाग और भेड़ पालन विभाग कार्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे। देर शाम उन्होंने हीरानगर में बनी हैचरी का भी दौरा किया। मंत्री ने बताया कि पशु पालन विभाग के नए निदेशक से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। चूकी पिछले तीन महीने के भीतर ही घाटे में चल रहे विभाग को उबारने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं।
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मंत्री कोहली ने कहा कि जिले में ट्राउट का बनी को छोड़कर अन्य कहीं भी स्कोप नहीं है। ऐसे में हाल के आंकड़ों को देखकर ट्राउट पालन के लिए बनी में नई योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि इलाके के ठंडे और ताजे पानी में पनपने वाली मछली रोजगार का साधन बन सके। इस पर गंभीरता से विचार किया जागगा।

अमर उजाला से बातचीत में मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने बताया कि कठुआ जिले की रंजीत सागर झील का 58 फीसदी हिस्सा जम्मू-कश्मीर के पास है, लेकिन इसका सही से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

केज कल्चर में भी मछलियों की तादाद बढ़ाने के निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग प्राइवेट फार्मिंग को भी बढ़ावा देगा। मछली पालन से बेरोजगार युवा अधिक मुनाफा कम समय और कम मेहनत में कमा सकते हैं। रंजीत सागर बांध में कार्प कल्चर को और बढ़ाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की भी मदद ली जाएगी।
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