दो राज्यों बीच की दूरी को कम करने वाले अटल सेतु की निगरानी का काम ग्रेफ को सौंपा जा सकता है। इस समय पुल पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो चुका है और यातायात 25 दिसंबर 2015 से जारी है। इस समय निजी कंपनी पुल के दोनों पिलरों से क्रेन को हटाने का काम कर रही है। क्रेन के हटते ही पुल की निगरानी और देखरेख ग्रेफ को सौंपने की योजना कंपनी की है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सौ मीटर ऊंची क्रेन को खोलने के लिए कंपनी का खर्चा करीब आठ लाख रुपये बताया जा रहा है। क्रेन खोलने में करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। रविवार को कंपनी ने क्रेन का कुछ हिस्सा पिलरों से खोला। क्रेन को पिलरों की सपोर्ट के लिए लगाया गया था, जिसे खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। दोनों ओर से क्रेन को खोलने में लगभग 15 दिन का समय लग जाएगा। गौरतलब है कि अटल सेतु देश का तीसरा केबल स्टेयर्ड पुल है।