कठुआ। जिलेभर में बिजली का संकट गहरा गया है। बिजली कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते रविवार को जिले के 128 में से लगभग 90 फीडर ठप हो चुके हैं। इससे कठुआ शहर अंधेरे डूब गया। शनिवार से ही हालात ऐसे हैं कि जिन फीडरों में फॉल्ट आते जा रहे हैं, उनमें बिजली की बहाली नहीं हो पा रही है। लगभग 28 फीडर ही अब भगवान भरोसे चल रहे हैं। लगभग पूरा शहर और ग्रामीण क्षेत्र भी अंधेरे में डूब चुके हैं।
कठुआ शहर के सात फीडरों में से एक ही फीडर रविवार को शाम के समय चल रहा था। शनिवार रात शहर के पांच फीडर ठप हो चुके थे जबकि चनग्रां फीडर भी रविवार सुबह दस बजे जवाब दे गया। बिजली संकट के बीच आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को सब डिवीजन स्तर पर बिजली कर्मियों ने जगह जगह प्रदर्शन किए। बिजली विभाग के निजीकरण के साथ-साथ व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने का विरोध दर्ज करवाया गया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की दिक्कतों से वे वाकिफ हैं लेकिन जान हथेली पर रखकर काम करने वालों के प्रति सरकार की असंवेदनहीनता अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। आश्वासनों से काम नहीं चलेगा और अब ठोस फैसले के बाद ही कामकाज सुचारु किया जाएगा।