छठे दिन भी जारी रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, सफाई कर्मचारियों ने दी चेतावनी - मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर कचरे के ढेर, गर्मी में बढ़ा बीमारियों के फैलने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार छठे दिन भी जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 40 टन कचरे का उठान न होने के कारण अब तक 240 टन से अधिक कचरा शहर के विभिन्न हिस्सों में जमा हो चुका है। प्रमुख चौक-चौराहों और डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे के बढ़ते ढेर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। वहीं गर्मी के मौसम में इससे बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
हालांकि, इस बार शहर की अधिकांश गलियों में अपेक्षाकृत कम कचरा दिखाई दे रहा है, लेकिन नगर परिषद की ओर से चिह्नित डंपिंग प्वाइंटों पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। शहीदी चौक, वार्ड नंबर-2 की गली के सामने, कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी के पास, जिला पुलिस मुख्यालय के समीप, पारलीवंड में फुटब्रिज के निकट तथा ओल्ड बस स्टैंड जराई चौक क्षेत्र में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं।
स्थानीय निवासी नीरज शर्मा ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच खुले में पड़ा कचरा मच्छरों और संक्रमणजनित बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उधर, सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान शाका शुब ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने वेतन और सुविधाओं में वृद्धि के लिए तुरंत एकजुट हो जाते हैं, लेकिन आम कर्मचारियों की मांगों के समय सरकार संसाधनों की कमी का हवाला देती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बार-बार हड़ताल करने से स्वयं भी परेशान हैं, लेकिन इस बार वे अपना हक हासिल किए बिना काम पर नहीं लौटेंगे।
इस बीच सामाजिक संस्था एसएसएफ ने मुखर्जी चौक में फैले कचरे से आमलोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए विशेष सफाई अभियान चलाया। संस्था के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने चौक में बिखरे कचरे को एकत्र कर उसका निस्तारण किया। मौके पर संस्था के प्रधान हरमीत सिंह चिंपू ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया। साथ ही उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि हड़ताल के दौरान घरों से निकलने वाले कचरे को खुले में या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने से बचें, ताकि स्थिति और गंभीर न हो।