उपमंडल के दूर दराज पंचायत मल्हार में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा नहीं होने से ग्रामीणों खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को 30 से 40 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। इसका कारण मल्हार-बिलावर के बीच सीधी सड़क का नहीं होना है।
पहाड़ी रास्ते से बैंक तक पहुंचने में घंटों का समय लगता है। ग्रामीणों की मांग है कि बैंक की शाखा उनके पंचायत क्षेत्र में खुल जाए तो लोगों को काफी सहूलियत होगी। क्योंकि इसके साथ ही अन्य पंचायतें भी हैं, जिनकी कुल आबादी दो हजार के लगभग है। गांव के मनजीत, अश्विनी शर्मा, पवन कुमार, मोहम्मद अयूब, तारिक हुसैन और तिलक शर्मा का कहना है कि मल्हार पंचायत से सटी अन्य पंचायतों की दो हजार से अधिक की आबादी को बैंक संबंधित कामकाज के लिए बिलावर, मछैडी या फिर किशनपुर जाना पड़ता है।
इनकी दूरी क्रमश: 30 , 40 और 43 किलोमीटर है। ऐसे में बैंक संबंधी काम के लिए लोगों को आए दिन परेशान होना पड़ता है। इन लोगों ने कहा की मल्हार पंचायत से सटे मलाड मडून, लोहाई मल्हार, लौअर थल, बदनौता आदि पंचायतों के लोगों की भी यही परेशानी है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बुजुर्गों को वृद्धा पेंशन लेने के लिए होती है। उन्हें इतनी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। तब जाकर बैंक पहुंच पाते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि पहाड़ी इलाका होने के कारण रास्ता नहीं है, जो रास्ता था वह भारी बारिश और भूस्खलन से बंद हो गया है।
तीन वर्ष पूर्व मल्हार गांव में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा खोलने के लिए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों ने लिखित में ज्ञापन दिया था, लेकिन अब तक बैंक प्रबंधन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। लोगों ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मल्हार इलाके में जम्मू-कश्मीर बैंक की शाखा खोलने की मांग की है।