अपनी लंबित मांगों को पूरा किए जाने की मांग को लेकर कठुआ स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्?
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कठुआ। पिछले 60 महीने से बकाया चल रहे वेतन को जारी किए जाने के साथ-साथ अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति विभाग के अस्थाई कर्मचारियों ने एक बार फिर मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। वीरवार को अस्थाई कर्मचारियों ने विभाग के कठुआ स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार से उनकी मांगों को पूरा किए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार अस्थाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पहल नहीं करती है, तो पूरे जम्मू कश्मीर में अपनी सेवा दे रहे 60 हजार अस्थाई कर्मचारी आगामी 24 फरवरी से अपनी 3 दिन की हड़ताल शुरू करेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कर्मचारी नेता शिव नारायण सिंह ने कहा कि विभाग में वर्षों से सेवा दे रहे अस्थाई कर्मचारियों की सरकार की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि भारतीय जनता पार्टी कि केंद्र सरकार उनकी सुध लेगी, लेकिन अभी तक विभाग के इन हजारों कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है। विभाग में सेवा दे रहे अस्थाई कर्मचारियों को 60 महीने से ज्यादा का वेतन नहीं दिया गया है और न ही केंद्र शासित प्रदेश के अधीन आने के बाद उन्हें सरकार के मिनिमम वेजेस एक्ट का कोई लाभ दिया जा रहा है। जिसके कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की इन दोनों ही मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के साथ-साथ सभी अस्थाई कर्मचारियों को नियमित बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी इन मांगों पर गौर नहीं करती है, तो पूरे जम्मू कश्मीर के अस्थाई कर्मचारी इसके खिलाफ आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शन में जितेंद्र शर्मा, पूर्ण चंद, वीरेंद्र सिंह, बलबीर कुमार, बिट्टू कुमार आदि कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।