संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोट। अपर रजवालता हाई स्कूल से मस्तगढ़ तक सड़क न बनने से मस्तगढ़, चरोटा, कढू, नवल, सिंबली, रूट खिम्बली, गूड़ा आदि गांव के सैकड़ों लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क संपर्क से जुड़ नहीं पाने के कारण लोग इस मूलभूत सुविधा के लिए आज भी तरस रहे हैं।
इस सड़क की लंबाई लगभग नौ किलोमीटर है जो एक तरफ पंचायत रजवालता से शुरू होती है और पंचायत जखोल में जाकर खत्म होती है। स्थानीय इलाकों के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए कई किलोमीटर दिन में पैदल चलने को मजबूर हैं। दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के लिए इलाके के विद्यार्थी हर रोज लगभग 18 किलोमीटर पैदल चलते हैं। स्थानीय निवासी युवा हरि सिंह ने बताया कि इलाके में यदि कोई बीमार पड़ जाता है तो चारपाई पर कई किमी पैदल सड़क तक फिर वाहन से अस्पताल तक समय पर नहीं पहुंच पाते हैं।
इस वजह से अक्सर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क नहीं होने की वजह से गरीब ग्रामीणों को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ती है यहां तक की स्थानीय लोगों को मकान के निर्माण के लिए सामग्री की ढुलाई भी खच्चरों के सहारे करनी पड़ती है। स्थानीय निवासी सागर सिंह प्रकाश चंद, करनेल सिंह, अजीत सिंह, सतपाल शर्मा, मोहिंदर कुमार, रतन चंद,करतार सिंह, मंगल सिंह, दीवान सिंह और बलदेव सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी जायज मांग को पूरा किया जाए और जल्द से जल्द सड़क निर्माण किया जाए।
ओम दत्त शर्मा निवासी ननोला ने बताया कि इलाके के लोगों के लिए सड़क नहीं होना अभिशाप की तरह है। लोग सड़क के लिए गुहार लगाते-लगाते थक गए हैं और जो सामर्थ्यवान थे वे गांव छोड़ शहर की ओर पलायन कर गए। इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग के अधिकारी अंकित गुप्ता ने बताया कि सड़क निर्माण का फिलहाल सर्वे नहीं किया गया है। लोगों की समस्या को देखते हुए जल्द सर्वे करवाया जाएगा।