शनिवार को आंधी के साथ हुई बारिश ने किसानों के चेहरे की रंगत फीकी कर दी है। धान और मक्की की फसल बर्बाद हो गई है। तेज हवा के चलते फसलें गिर गई हैं। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
किसानों को पैदावार बिल्कुल नहीं होने की चिंता रही है। परेशान किसानों ने अब मुआवजे की गुहार लगाई है।रियासत में हुई भारी बारिश और बाढ़ का असर कठुआ जिले पर भी पड़ा था। इससे किसान उबर नहीं पाए थे कि शनिवार को फिर आफत की बारिश हुई। लेकिन इसके बाद तेज आंधी ने बची-खुची कसर भी पूरी कर दी। मक्की की फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है।
दरअसल, फसल पक गई है। ऐसे में पौधे दोबारा खड़े नहीं हो सकते। गिरी फसल में बड़े स्तर पर नुकसान होगा। यहां तक कि मवेशियों के चारे के भी लाले पड़ जाएंगे। किसान देसराज, तारा चंद, मेहर चंद ने बताया कि इस समय मक्की काटने का समय है। लेकिन आंधी से फसल पूरी तरह गिर गई है।
धान की फसल का भी यही हाल है। किसानों ने कहा कि पहले समय पर बारिश नहीं हुई। इसके बाद भारी बारिश हुई और अब आंधी ने बड़ा नुकसान किया है। ऐसे में सरकार को मुआवजे का इंतजाम करना चाहिए। किसानों का कहना है कि पिछले दिनों भारी बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ था।
पहाड़ी इलाकों में सबसे अधिक क्षति हुई। इससे जो फसल बची उसे अब तेज आंधी ने बर्बाद कर दिया। खरीफ की फसल में इस बार कुछ पैदावार नहीं हो सकेगी।