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दोपहर तक थमे रहे बसों और ट्रकों के पहिये

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नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आह्वान पर भारत बंद का जिले में भी मिलाजुला असर देखने को मिला। इस दौरान सड़कों से यात्री और माल वाहक वाहन दोपहर तक नदारद रहे, तो वहीं किसान संगठनों और राजनीतिक दलों ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन कर रोष जताया।
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पंजाब में किसानों की ओर से पहले ही दी गई चेतावनी को देखते हुए लखनपुर में भी सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए थे। रावी पुल पर दिनभर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे, तो वहीं लखनपुर में भी कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम दिखे। लखनपुर पहुंचे डीसी कठुआ ओम प्रकाश भगत और एसएसपी कठुआ ने स्थिति की समीक्षा भी की। कठुआ शहर समेत अन्य कसबों में आम दिनों की तरह व्यापारिक प्रतिष्ठान और दुकानें खुली रहीं। उधर, यात्री वाहनों के न चलने से बाजारों की रौनक गायब रहने के साथ-साथ कार्यालयों में उपस्थिति कम रही। उधर, वकीलों ने भी बंद का समर्थन किया।
शहर में निकाली रोष रैली, किसान तहरीक का धरना,
गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी दिया किसानों को समर्थन
कठुआ। कृषि कानूनों के विरोध में आहूत भारत बंद के दौरान शहर में कई जगह धरने प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहा। किसान तहरीक की ओर से कृषि विभाग के कार्यालय परिसर में धरना दिया गया तो वहीं किसानों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष रैली निकाली। दोपहर के समय गुरूद्वारा प्रबधक कमेटी कठुआ ने भी किसानों को समर्थन देते हुए मुखर्जी चौक पर रोष जताया।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार मनमानी कर किसानों को भूखे मारने की नौबत ला रही है। मंशा साफ है कि अंबानी और अडानी की संपत्ति को बढ़ाते हुए देश के अन्न दाताओं के हाथ काट कर दे दिए गए हैं जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरा देश किसानों के साथ है। दो टूक कहा कि बिल को तत्काल वापस लिया जाए अन्यथा केंद्र सरकार इससे भी बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहे।
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