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Kathua News: क्रशरों की धूल और भारी वाहनों से परेशान पंडोरी के लोग, फसल व सेहत पर असर का आरोप

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कठुआ। क्रशरों से उड़ती धूल, कथित अवैध माइनिंग और दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान पंडोरी गांव के लोगों का रोष बढ़ता जा रहा है। इन समस्याओं के विरोध में ग्रामीणों ने बीते वीरवार देर रात उदारिया क्षेत्र में प्रदर्शन कर प्रशासन से माइनिंग गतिविधियों की जांच, धूल पर नियंत्रण और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022 से समस्या उठाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्रशरों से निकलने वाले ट्रैक्टरों और ट्रालों की लगातार आवाजाही से गांव के रास्तों पर धूल का गुबार उठता है। इसका असर घरों के साथ खेतों में खड़ी फसलों पर भी पड़ रहा है। फसलों पर मिट्टी की परत जमने से नुकसान होने की आशंका है, जबकि धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी वाहनों के शोर और लगातार आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रशर संचालकों की ओर से रास्तों पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं किया जाता। शिकायत करने पर एक-दो दिन के लिए पानी का टैंकर या ट्रैक्टर भेजा जाता है, लेकिन इसके बाद व्यवस्था फिर बंद हो जाती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्रशर उद्योग से होने वाली गतिविधियों का बोझ गांव के लोग और किसान क्यों उठाएं। उन्होंने धूल रोकने के लिए नियमित छिड़काव और प्रभावी निगरानी की मांग की।
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इनसेट -

भारी वाहनों के लिए अलग रास्ते की मांग

प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे स्थानीय निवासी देवराज ने आरोप लगाया कि वह इस समस्या को लेकर पहले भी जिला प्रशासन के अधिकारियों से मिल चुके हैं और कई बार लिखित शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि वह इस बार भी जिला आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। देवराज के अनुसार, उनसे उनकी स्थानीय नागरिकता को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि उनका जन्म पंडोरी में हुआ है और वह गांव के लोगों को क्रशरों व भारी वाहनों से होने वाली परेशानी से राहत दिलाना चाहते हैं।
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ग्रामीणों ने मांग की कि माइनिंग और क्रशर इकाइयों की जांच कर नियमों के पालन की पुष्टि की जाए। साथ ही, भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता निर्धारित किया जाए, ताकि आबादी वाले क्षेत्र से उनकी आवाजाही कम हो सके। सूचना मिलने पर स्थानीय चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याएं सुनकर मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
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