दो सप्ताह के भीतर गोलीकांड के दो मामलों ने पुलिस को सकते में डाल दिया है। इन घटनाओं ने दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ आरोपियों को पकड़ने में भी पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बीच पुलिस ने लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए नए सिरे से समीक्षा करनी शुरू कर दी है।
समीक्षा प्रक्रिया के दौरान पुलिस ऐसे इलाकों और लोगों की निशानदेही करने जा रही है, जहां हथियारों के दुरुपयोग की शिकायतें आती रही हैं। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस लाइसेंस जब्त करने के लिए भी कवायद छेड़ सकती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन कार्यालय में 16 सितंबर को गोलीकांड होने के बाद से ही इस बाबत विचार शुरू हो गया था, लेकिन बसवांई गांव में एक और घटना ने पुलिस को समीक्षा करने को मजबूर कर दिया है।
एसएसपी कठुआ मोहन लाल ने माना कि लाइसेंसी हथियारों के इस्तेमाल पर नए सिरे से समीक्षा शुरू की जा रही है। भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे होने की वजह से कठुआ जिले में गन लाइसेंस धारकों की संख्या खासी अधिक है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में शूटआउट के दो मामले सामने आने से समीक्षा करना अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने बताया कि आपराधिक छवि रखने वाले तत्वों से लेकर लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग संबंधी आरोपों के घेरे में आने वालों के लाइसेंस जब्त किए जा सकते हैं। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सकती है।