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सड़क की खस्ताहालत पर भड़के लोग, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

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कठुआ। सड़क की खस्ताहाल से परेशान महरोली के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सुबह की सड़क के किनारे आकर लोगों ने प्रशासन और ग्रेफ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के लोगों की बदहाली के लिए स्थानीय प्रशासन और ग्रेफ के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
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लोगों ने कहा कि हटली लिंक मार्ग पर महरोली से डोल खड्ड तक जाने वाली सड़क काफी खस्ताहाल हो चुकी है। बार-बार प्रशासन और ग्रेफ से सड़क की मरम्मत करने के लिए मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जब भी सड़क की मरम्मत की मांग की जाए तो कभी सड़क को ग्रेफ के अधीन तो कभी लोक निर्माण विभाग के अधीन बताया जाता है। हकीकत यह है कि सड़क दोनों की विभागों के अधिकारी टाल-मटोल कर रहे हैं। सड़क की मरम्मत करने को लेकर कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सड़क की मरम्मत को लेकर टाल-मटोल की जा रही है, उससे तो लगता है कि सड़क पर किसी की जान जाने के इंतजार में है, जो उसके बाद सड़क को ठीक किया जाएगा। सड़क की हालत ऐसी है कि दोपहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है। रोजाना कोई न कोई यहां चोटिल हो रहा है, मगर अधिकारियों के कानों तले जूं तक नहीं रेंग रही है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल राष्ट्रीय जनता दल के नेता मनोहर लाल ने बताया कि मेहताबपुर से हटली मोड़ तक सड़क के लिए लंबा संघर्ष किया गया है। आज हालात यह है कि जनप्रतिनिधि भी लोगों की सुध लेने का तैयार नहीं है। सड़क की बदहाली आए दिन हादसों का कारण बन रही है। लोगों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। तीन किलोमीटर सड़क की दुर्दशा के लिए विभाग के साथ-साथ प्रशासन भी जिम्मेदार है जो ग्रेफ की लापरवाही पर भी कार्रवाई नहीं करता।
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उन्होंने चेतवानी देते हुए कहा कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो जन आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। सतपाल भंडारी ने कहा कि सरकार विकास के वादे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इस सड़क की दिशा देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।
एक महीने बाद भी सड़क से नहीं हटाया मलबा, आवाजाही प्रभावित
बिलावर। त्रिंबली-ध्यौता मार्ग बीते एक माह से बंद पड़ा है। इससे क्षेत्र को लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को आवाजाही करने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हौटार गांव के पूर्व सरपंच जगदेव सिंह मियां, डिंपल शर्मा, रतन चंद सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बीते माह हुई भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाके की कई सड़कें भूस्खलन और बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने के कारण बंद हो गई थी। इससे पहाड़ी इलाकों को उपजिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। बारिश का दौरा रुका तो लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को बहाल कर दिया। मगर हैरानी की बात है कि त्रिंबली-ध्यौता मार्ग को एक महीना बीत जाने के बहाल नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि सात किलोमीटर लंबी इस सड़क का प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण हुआ था। मगर उसके बाद इस सड़क की देखरेख की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों से सड़क को खोलने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क पर गिरे मलबे को हटाकर इसे बहाल किया जाए, ताकि लोगों की आवाजाही सुगम हो सके।
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