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क्रांतिकारी नेता सचिन्द्र नाथ सन्याल को किया याद

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कठुआ। देश की आजादी में अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले क्रांतिकारी नेता सचिन्द्र नाथ सान्याल को उनकी 80वीं पुण्यतिथि पर याद करने के लिए राजकीय डिग्री कॉलेज में पोस्टर मेकिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य प्रो. राज किरण शर्मा के संरक्षण में एनएसएस इकाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी स्वयंसेवकों ने अपनी वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में सचिन्द्र नाथ सान्याल के जीवन और भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही स्वयंसेवकों ने सचिन्द्र नाथ सान्याल के पोस्टर और रेखाचित्र तैयार किए।
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वहीं, इस दौरान आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में स्वयंसेवकों ने अपने निबंधों में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापक सचिन्द्र नाथ सान्याल का वर्णन करते हुए भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध करने में संगठन के योगदान को याद किया। प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि सचिन्द्र नाथ सान्याल हमारे देश के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह के गुरु थे। उन्होंने रास बिहारी बोस के साथ नई दिल्ली में प्रवेश करते समय वायसराय हार्डिंग पर हमला किया और उन्हें घायल कर दिया। गदर षडयंत्र में शामिल होने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और उन्हें सेलुलर जेल में कैद कर दिया गया था। उन्हें काकोरी षडयंत्र में शामिल होने के लिए भी अंग्रेजों ने जेल भेजा था। 7 फरवरी 1942 को गोरखपुर जेल में उन्हें शहादत मिली। पोस्टर मेकिंग कैटेगरी में खुशी जसरोटिया, महक गुप्ता और नीतीश पनसोत्रा के पोस्टरों को क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय घोषित किया गया। जबकि निबंध लेखन प्रतियोगिता में मुस्कान शर्मा, भारती राजपूत और कशिश पठानिया ने प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। दोनों श्रेणियों में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को सहभागिता प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस के प्रोग्राम अधिकारी प्रोफेसर मनमोहन सिंह, प्रोफेसर रितु कुमार शर्मा और प्रोफेसर नेहा बंद्राल की देखरेख में किया गया।
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