शिक्षा विभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने शनिवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी करने को गुहार लगाई। शहीद भगत सिंह पार्क में जोरदार नारेबाजी करते हुए उन्होंने सरकार पर अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया।
वेतन बढ़ोत्तरी, नियमितीकरण, भेदभाव और तबादला नीति को लेकर प्रदर्शन कर रहे आरईटी शिक्षकों ने सरकार को उनकी मांगें पूरी न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
शनिवार को प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे आल जेएंडके रहबर-ए-तालीम टीचर्स फोरम के जिला अध्यक्ष महेश कुमार ने कहा कि महंगाई के दौर में बिना वेतन के काम करना उनके लिए बहुत मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में न सिर्फ सरकार जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी करे वरन वेतन बढ़ोत्तरी भी करे।
उन्होंने कहा कि तबादला नीति में पारदर्शिता अभाव है। ऐसे में अधिकारी मनमानी करते हैं, जो उन्हें कतई मंजूर नही है। उन्होंने सरकार की कड़े शब्दों ने निंदा करते हुए आरईटी शिक्षकों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ट्यूशन पर रोक लगा रही है, तो दूसरी ओर शिक्षकों के वेतन को बढ़ाया नहीं गया है।
आरईटी शिक्षकों की कभी डिग्रियों की जांच की जाती है, तो कभी उन्हें परीक्षा केंद्रों में ड्यूटी न करने का फरमान जारी कर प्रताड़ित किया जा रहा है।
यदि जल्द सरकार ने वेतन बढ़ाने की उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो बड़ी संख्या में शिक्षक प्रदर्शन के लिए मजबूर हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में राकेश सिंह, बलवीर चंद, पवन शर्मा आदि शामिल रहे।