जिला अस्पताल में सोमवार को इलाज के लिए आए तीन मरीजों को रिएक्शन होने से हड़कंप मच गया। सभी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराए
गए थे। मरीजों को जब रिएक्शन हुआ, उस समय उन्हें ड्रिप लगाया जा रहा था।
लगातार तीन मामले सामने आने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन ने फ्लूड समेत ड्रिप और त्वचा को साफ करने के लिए इस्तेमाल की जा रही दवा का बैच नंबर, निर्माण तिथि को भी नोट कर लिया है। दवाओं की निगरानी शुरू करने के साथ ही अस्पताल प्रशासन ने डाक्टरों और स्टाफ को भी एहतियात बरतने को कहा है।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में इलाज के लिए दोपहर करीब बारह बजे पहुंचे वार्ड एक निवासी परमो को ड्रिप लगाया गया। फ्लूड जैसे ही मरीज के शरीर में दौड़ा तो यह उसे रिएक्शन कर गया। कुछ ही देर में तीमारदारों ने इसकी जानकारी स्टाफ को दी। इसके बाद ड्रिप हटा लिया गया।
ऐसा ही दूसरा मामला दोपहर करीब डेढ़ बजे सामने आया। अशोक कुमारी निवासी पल्ली को भी रिएक्शन हो गया। वहीं, दोपहर ढ़ाई बजे के लगभग ड्रिप लगाने के दौरान अभिदीन निवासी चक दराब खान को भी रिएक्शन हो गया। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में पिछले वर्ष भी फ्लूड रिएक्शन के दर्जन भर मामले सामने आए थे। इसके बाद उक्त फ्लूड का इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।
अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को रिएक्शन तो हुआ है, लेकिन किन कारणों से हुआ, फिलहाल इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उक्त बैच नंबर का फ्लूड अस्पताल के सभी वार्डों में इस्तेमाल किया जा रहा है। मामले को लेकर डाक्टरों की राय ली गई है।
यदि रिएक्शन का कोई और मामला सामने आता है तो फ्लूड का इस्तेमाल बंद कर दिया जाएगा। ड्रिप सेट, दिए गए फ्लूड और त्वचा साफ करने के लिए इस्तेमाल की गई दवा का बैच नंबर नोट कर लिया गया है। गर्मियों में अक्सर पसीना या गलत तरीके से ड्रिप लगाए जाने से भी इस तरह के रिएक्शन के मामले सामने आ सकते हैं। - डा. अनूप मन्हास, जिला अस्पताल अधीक्षक अधीक्षक